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क्रैनबेरी (Cranberry) और इसका जूस: फायदे, नुकसान और किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए

बाप न्यूज़ / हैल्थ डेस्क   क्रैनबेरी (Cranberry) एक खट्टा-लाल फल है, जिसका इस्तेमाल आजकल फल के साथ-साथ जूस, कैप्सूल और सप्लीमेंट के रूप में भ...


बाप न्यूज़ / हैल्थ डेस्क 

क्रैनबेरी (Cranberry) एक खट्टा-लाल फल है, जिसका इस्तेमाल आजकल फल के साथ-साथ जूस, कैप्सूल और सप्लीमेंट के रूप में भी किया जाता है। खासकर पेशाब और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) से जुड़ी समस्याओं में क्रैनबेरी का नाम अक्सर सुनने को मिलता है। लेकिन यह समझना जरूरी है कि क्रैनबेरी हर तरह की पेशाब संबंधी समस्या का इलाज नहीं है। वैज्ञानिक अध्ययनों में क्रैनबेरी के कुछ संभावित फायदे सामने आए हैं, लेकिन इसके प्रभाव व्यक्ति, उत्पाद और सेवन की मात्रा के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

UTI की रोकथाम में हो सकता है फायदा

क्रैनबेरी में प्रोएंथोसाइनिडिन (PACs) नामक यौगिक पाए जाते हैं। माना जाता है कि ये कुछ बैक्टीरिया को मूत्राशय की दीवार से चिपकने से रोकने में मदद कर सकते हैं। इसी कारण क्रैनबेरी का इस्तेमाल बार-बार होने वाले UTI की रोकथाम के लिए किया जाता है। कुछ शोधों में पहले से बार-बार UTI होने वाली महिलाओं में क्रैनबेरी उत्पादों से दोबारा संक्रमण का जोखिम कम होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, सभी अध्ययनों के परिणाम एक जैसे नहीं हैं और वैज्ञानिक संस्थाएं इसके प्रभाव को अभी भी सीमित या असंगत मानती हैं।

क्या क्रैनबेरी जूस UTI को ठीक करता है?

नहीं। यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।

अगर किसी व्यक्ति को पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, तेज दर्द, बुखार, पेशाब में खून या अन्य UTI के लक्षण हैं, तो केवल क्रैनबेरी जूस पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। मौजूदा UTI के इलाज के लिए क्रैनबेरी को प्रभावी उपचार नहीं माना जाता। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच और उचित उपचार की सलाह देते हैं।

क्रैनबेरी जूस के संभावित फायदे

- बार-बार होने वाले UTI की रोकथाम में कुछ लोगों को लाभ मिल सकता है।

- इसमें प्राकृतिक पौध-आधारित यौगिक और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं।

- पानी या अन्य तरल पदार्थों के साथ पर्याप्त मात्रा में तरल लेना यूरिनरी सिस्टम के लिए महत्वपूर्ण है; हालांकि पानी को प्राथमिक तरल माना जाता है।

- कुछ शोधों में क्रैनबेरी जूस को UTI की पुनरावृत्ति कम करने से जोड़ा गया है, लेकिन इसके प्रमाण पूरी तरह निर्णायक नहीं हैं।

क्रैनबेरी जूस के नुकसान भी हो सकते हैं

क्रैनबेरी सामान्य मात्रा में अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन ज्यादा मात्रा में लेने से कुछ लोगों को पेट खराब, गैस, मितली या दस्त जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा बाजार में मिलने वाले कई क्रैनबेरी जूस में अतिरिक्त चीनी हो सकती है। इसलिए उत्पाद खरीदते समय लेबल पर शुगर की मात्रा जरूर देखनी चाहिए। कुछ शोधों में बहुत अधिक मात्रा में क्रैनबेरी लेने और किडनी स्टोन के जोखिम के बीच संभावित संबंध की चर्चा हुई है, हालांकि इस संबंध को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण पूरी तरह एकमत नहीं हैं।

ब्लड थिनर लेने वालों को विशेष सावधानी

यदि कोई व्यक्ति वारफरिन (Warfarin) जैसी खून पतला करने वाली दवा ले रहा है, तो क्रैनबेरी का नियमित या अधिक सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। क्रैनबेरी और वारफरिन के बीच संभावित इंटरैक्शन को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण मिश्रित हैं।

किडनी या पेशाब की समस्या में खुद से शुरू न करें

हर पेशाब की समस्या UTI नहीं होती। पेशाब की धार कमजोर होना, पेशाब रुकना, बार-बार पेशाब आना, प्रोस्टेट की समस्या, यूरेथ्रा में रुकावट या पथरी जैसी स्थितियों में क्रैनबेरी जूस इलाज नहीं है। इसलिए यदि पहले से किडनी स्टोन, बार-बार UTI, प्रोस्टेट या पेशाब की नली से जुड़ी समस्या है, तो नियमित रूप से क्रैनबेरी जूस या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर या यूरोलॉजिस्ट की सलाह लेना बेहतर है।

डॉक्टर की सलाह क्यों जरूरी है?

क्रैनबेरी एक खाद्य पदार्थ है, लेकिन जब इसे रोजाना जूस, एक्सट्रैक्ट, कैप्सूल या सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है तो व्यक्ति की बीमारी, दवाओं और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी हो जाता है।

निष्कर्ष : क्रैनबेरी और इसका जूस कुछ लोगों में बार-बार होने वाले UTI की रोकथाम में मदद कर सकता है, लेकिन इसे UTI का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। अत्यधिक सेवन से पेट संबंधी परेशानी हो सकती है और कुछ दवाओं के साथ संभावित इंटरैक्शन भी हो सकता है। इसलिए नियमित सेवन या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले, विशेषकर यदि कोई बीमारी या नियमित दवा चल रही हो, डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

डिस्क्लेमर : यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी बीमारी के इलाज, दवा बंद करने या सप्लीमेंट शुरू करने का निर्णय डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।