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मिट्टी के मटकों की बिक्री ठप्प, कुम्हार समाज के लिये विशेष आर्थिक पैकेज की मांग

Bap News:  फलोदी कस्बे के राईका बाग क्षेत्र में मिट्टी के मटके बनाकर बेचने वाले कुम्हार समाज के मटकी विक्रेताओं के यहा इन दिनों सन्नाटा छाया...

Bap News: फलोदी कस्बे के राईका बाग क्षेत्र में मिट्टी के मटके बनाकर बेचने वाले कुम्हार समाज के मटकी विक्रेताओं के यहा इन दिनों सन्नाटा छाया हुआ है।

मार्च में गर्मी की सीजन शुरू होते ही मिट्टी से निर्मित मटकों, सुराईयो तथा अन्य उत्पादों की बिक्री शुरू होती है, जो लगभग अगस्त- सितम्बर तक जारी रहती है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस से बचाव के लिये केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा लागू किये गये लाॅकडाउन के चलते बिक्री नही होने से कुम्हार समाज के मटकी विक्रेताओं में गहरी मायूसी छाई हुई है। भीषण गर्मी तथा लू में मिट्टी से निर्मित मटको का पानी कुदरती तौर पर ठंडा होता है जो हर घर में लोगों की प्यास बुझाता है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते चल रहे लाॅकडाउन में मटके खरीदने के लिये लोग कुम्हारों की दुकानों तक पहुंच ही नही पा रहे है। प्रजापति युवा शक्ति संगठन फलोदी के कार्यकर्ता विनोद प्रजापति ने बताया की कोरोना के चलते लागू हुए लाॅकडाउन का असर कुम्हार समाज की आजीविका पर गहराई से पड़ा है।

मिट्टी के मटकों की बिक्री अप्रैल से जून माह में तेजी से होती है। लेकिन लाकॅडाऊन के चलते अभी कोई खरीददार ही नही मिल रहे है। कुम्हार समाज के लोग अपनी साल भर की आमदनी का इंतजाम इस सीजन में मिट्टी के मटके, सुराही, पराते तथा परिंडे बेचकर अर्जित करते है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते मिट्टी के बर्तनो की बिक्री लगभग बंद ही है। फलोदी, बाप, लोहावट, आऊ सहित आसपास के दर्जनों गांवो में कुम्हार समाज के सैकडो परिवार मिट्टी के बर्तन बेचकर अपना गुजारा करते है। अभी फलोदी का तापमान 44 डिग्री को छू रहा है। लेकिन मटकों तथा अन्य उत्पादों की बिक्री लगभग नही के बराबर है। जिसके चलते कुम्हार समाज के इन परीवारों को जीवन व्यापन की चिंता सता रही है।
राजस्थान में माटी कला बोर्ड का गठन हुये 15 साल से अधिक का समय हो गया है। लेकिन आज तक कुम्हार समाज के लोगों को माटी कला बोर्ड का फायदा नही मिला है। कुम्हार समाज के संगठन के पदाधिकारीयो ने सरकार से मांग की है की किसानों की तरह कुम्हार समाज लोगों को भी मिट्टी के बर्तन बनाने व बेचने के लिए घर से जाने-आने तथा मिट्टी लाने की विशेष अनुमति दी जाये ताकि अभी की विपरित परिस्थितियों में भी यह धंधा चालू रह सके।

इनका कहना है:-
कोरोना संकट के इस दौर में राजस्थान में कुम्हार समाज को सबसे ज्यादा विकट परिस्थितियो का सामना करना पड़ रहा है,मिट्टी के मटके,सुराही तथा अन्य आईटम गर्मी में हर आम जनता की जरूरत है इनकी बिक्री जारी रखने के लिये कुम्हारों को अनुमति दी जानी चाहिये।
विनोद प्रजापत फलोदी, कार्यकर्ता
प्रजापति युवा शक्ति संगठन फलोदी।

अशोक कुमार मेघवाल, फलोदी की रिपोर्ट

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