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वर्षो से सूखे पड़े जीएलआर पर कबूतरों का कब्जा, दिए अंडे

Bap New s:   नारायण पुरा ग्राम पंचायत के कलाथल गांव में बनी जीएलअार वर्षो से सूखी पड़ी है। वर्षो से पानी को तरस रहे जीएलआर में अब कबूतरों ने...

Bap News: नारायण पुरा ग्राम पंचायत के कलाथल गांव में बनी जीएलअार वर्षो से सूखी पड़ी है। वर्षो से पानी को तरस रहे जीएलआर में अब कबूतरों ने अपना डेरा जमा लिया हैं। कलाथल में स्थित सरकारी स्कूल के पास जीएलआर बनाया हुआ हैं। 

ग्रामीणों की माने तो बनने के बाद महज दो से तीन बार ही पानी से तर हुआ है। कई बार धरना प्रदर्शन के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। इसको लेकर न प्रशासन न ही जनप्रतिनिधि गंभीर हैं। गांव के जीवराज भांभू ने बताया कि नारायणपुरा गांव के राजस्व गांव कलाथल में जीएलआर बनने के बाद से ही सूखा पड़ा हैं। जीएलआर में महिपाल मदेरणा जब जल मंत्री थे, तब दो-तीन बार पानी जरूर आया था। इसकाे लेकर ग्रामीणों ने कई बार धरना प्रदर्शन भी किए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। 

ग्रामीणों ने बताया कि कलाथल में बना यह जीएलआर चाखू से पाइप लाइन द्वारा जुड़ा हुआ हैं। बार बार मांग करने के बाद भी पानी नहीं आने की वजह से स्थानीय जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों के विरूद्ध जनता में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में जीएलआर में पानी की जगह कबूतर ओर कबूतरों के अंडे पड़े है। आस पास कुछ वन्य जीव भी मरे हुए है। ग्रामीण बताते है कि कभी कोई वन्य जीव प्रेमी जीएलआर के पास बनी खेळी को पानी से भरता है, तो आसपास विचरण करते वन्य जीव प्यास बुझा देते है। ग्रामीणो ने बताया कि कलाथल निवासी पानी के लिये 12 किलोमीटर दूर चाखू गांव से टैंकर लाना पड़ रहा है, जिस पर करीब  हजार से 1500 रुपये खर्चा आ रहा हैं। 

पशुपालकों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा हैं।
जागरूक युवाओं ने ट्विटर पर सरकार व केंद्रीय जल शक्ति मंत्री, स्थानीय विधायक पब्बाराम बिश्नोई जीएलआर में बने घोंषले व कबूतरों का फोटो टेग कर पानी की समस्या से निजात दिलाने की मांग की हैं।

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