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फलोदी उप कारागृह से कैदी फरार प्रकरण : चौबीस घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ

सत्रह कैदियों को भेजा अन्य स्थानों पर, चार जेल प्रहरी निलंबित बाप न्यूज़ : अशोक कुमार मेघवाल | फलोदी एसडीएम कार्यालय परिसर में स्थित उप काराग...

सत्रह कैदियों को भेजा अन्य स्थानों पर, चार जेल प्रहरी निलंबित



बाप न्यूज़ : अशोक कुमार मेघवाल | फलोदी एसडीएम कार्यालय परिसर में स्थित उप कारागृह फलोदी से सोमवार शाम करीब 8.30 बजे भोजन के समय 16 विचाराधीन कैदियों द्वारा ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से मारपीट कर जेल से फरार होने के 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली है, एक भी फरार कैदी पुलिस की पकड़ में नही आया है।

उल्लेखनीय है कि सोमवार शाम को भोजन के समय जेल में तैनात महिला सुरक्षाकर्मी पर सब्जी फेंककर 16 कैदी मुख्य दरवाजे से फरार हो गये थे। पुलिस ने फलोदी शहर तथा सभी थाना क्षेत्रों में कड़ी नाकेबंदी करवाई लेकर फरार कैदी हाथ नही आये। जेल से फरार होने वाले कैदियों में सुखदेव पुत्र रामूराम लोहावट, जगदीश पुत्र विश्नाराम बाप, शौकत अली पुत्र नूर मोहम्मद देदासरी, अशोक पुत्र जैताराम लोहावट, प्रेम पुत्र रामरखराम जालोड़ा, अनिल पुत्र शंकरलाल जालूवाला, प्रदीप पुत्र बंलवताराम मतोड़ा, राजकुमार पुत्र महेंद्रराम जांबा, श्रवणराम पुत्र सुखराम एकलखोरी, मुकेश पुत्र भगवानाराम भजननगर लोहावट, शिवप्रताप पुत्र बगड़ूराम खारा, शंकर पुत्र भागीरथराम भजननगर लोहावट, हनुमान पुत्र तुलछाराम ढढू , महेंद्र पुत्र पप्पूराम खिदरत तथा श्यामलाल पुत्र मदनलाल बिराणी भोपालगढ शामिल है।

यह सभी कैदी 302, 307 एवं एनडीपीएस एक्ट के मामलों में जेल में बंद थे। फलोदी उप कारागृह की क्षमता 17 कैदी रखने की है जबकी सोमवार को 62 कैदी जेल में बंद थे जिनकी सुरक्षा के लिये एक महिला संतरी सहित 2 अन्य संतरी भी हथियारों सहित ड्यूटी पर तैनात थे। जेल परिसर के अंदर एवं बाहर कही भी सीसीटीवी कैमरे लगे हुये नही है तथा ना ही जेल की दीवारों पर कंटीले तार इत्यादि लगे हुये है। घटना के बाद देर रात को आईजी जोधपुर रेंज नवज्योति गोगोई,  पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण अनिल कयाल, डीआईजी(जेल)सुरेंद्रसिंह शेखावत,

एसओजी के एएसपी कमलसिंह, एएसपी ग्रामीण सुनील के. पंवार भी फलोदी पहुंचे तथा घटनास्थल का मौका मुआवना कर फरार कैदियों को पकड़ने के लिये स्थानीय पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा- निर्देश दिये। कैदियों के भागने की तस्वीरें जेल के बाहर मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित एक व्यापारिक प्रतिष्ठान के सीसीटीवी कैमरो में रिकार्ड हुई है जिसमें आरोपी एक स्कार्पियों में बैठकर भागते हुये नजर आये है। मंगलवार को फलोदी डिप्टी एसपी पारस सोनी के नेतृत्व में पुलिस की आठ टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये विभिन्न स्थानों पर भाग दौड़ करती रही, लेकिन 24 घंटे बाद भी फरार कैदी पुलिस के हाथ नही लगे है। 

महानिदेशक राजीव दासौत ने इस मामलें को गंभीरता से लेते हुये प्रथम दृष्टयता दोषी पाये जाने पर फलोदी जेल के मुख्य प्रहरी नवीन बक्स, प्रहरी सुनील कुमार, मदनपाल, तथा श्रीमती मधु देवी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीआईजी सुरेंद्रसिंह शेखावत ने बताया कि वे इस मामलें की जांच लगभग चार दिन में पूरी कर लेगें। उल्लेखनीय है कि फलोदी उप कारागृह में डीजीपी (कारागार)राजीव दासौत ने निर्देशानुसार 2 अप्रैल को चलाये गये ऑपरेशन फ्लश आउट के तहत ली गई तलाशी में 11 मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री बरामद की थी जिसके बाद जेल प्रशासन ने उप कारपाल सत्येंद्र कुमार को निलंबित कर दिया था। इसके बाद सोमवार शाम को कैदी फरार होने की घटना घटित हो गई जिसके चलते फलोदी जेल लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। वही बुधवार को जेल प्रशासन ने फलोदी जेल से 17 कैदियों को अन्य जेलो में शिफ्ट किया है।

रोका जा सकता था इस घटना को

फलोदी जेल में पिछले दिनों मिले मोबाइल के जखीरे के बाद जेल में क्षमता से ज्यादा रखे कैदियों को अन्य स्थानों पर भेजने तथा मोबाइल के मामलों में जेल कार्मिकों की संदिग्ध भूमिका को लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई थी लेकिन उच्चाधिकारियों ने उस पर ध्यान नही दिया जिसके चलते कैदी फरार होने की घटना घटित हुई है।

हवलदारो को चार्ज देने पर भी सवाल

जोधपुर संभाग सहित प्रदेश की विभिन्न जेलो में आरपीएससी से चयनित होकर आने वाले सब इंस्पेक्टर रैंक के उप कारापालो की जगह हवलदारो को जेल इंजार्ज बनाना जेल प्रशासन की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े करता है। हवलदारो को जेल इंजार्ज बनाने से जेलो की प्रभावी तरीके से माॅनिटरिग नही हो पाती है तथा जेलो में लगातार अवांछित गतिविधियों का संचालन होता रहता है।

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