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भामाशाह हेमचंद गुचिया की फलोदी को एक और सौगात, बीस लाख से बनायेगें आपातकालीन कक्ष

बाप न्यूज़ : अशोक कुमार मेघवाल |    फलोदी उपखंड मुख्यालय पर 7 करोड़ रूपये की लागत से काॅलेज बनाने वाले वरिष्ठ भामाशाह हेमचंद गुचिया ने सरकारी...

बाप न्यूज़ : अशोक कुमार मेघवाल |  फलोदी उपखंड मुख्यालय पर 7 करोड़ रूपये की लागत से काॅलेज बनाने वाले वरिष्ठ भामाशाह हेमचंद गुचिया ने सरकारी अस्पताल में आपातकालीन कक्ष बनवाने और उसमें सभी उपकरण उपलब्ध करवाने  की घोषणा की है जो आपातकालीन कक्ष में जरूरी होते है। आपातकालीन कक्ष बनने से अनेक लोगों की जिंदगी  बच सकेगी। 

भामाशाह हेमचंद गुचिया

उल्लेखनीय है कि सरकारी अस्पताल में अभी ऐसे कक्ष का अभाव है। जिसके कारण इमरजेंसी हालत में अस्पताल लाये जाने वाले रोगी को तुरंत जोधपुर अथवा बीकानेर रैफर किया जाता है। जिससे अनेको बार बीच रास्ते में ही रोगी की मौत हो जाती है। आपातकालीन कक्ष बनने से ऐसे रोगियों को तुरंत रैफर करने की आवश्यकता नही रहेगी और उनका यही उपचार हो सकेगा। सामान्य अवस्था में आने के बाद जोधपुर एवं अन्य स्थानों पर उपचार के लिये ले भेजा जा सकेगा। 

मुंबई प्रवासी भामाशाह हेमचंद पुरोहित सेवा के क्षेत्र में जाना पहचाना नाम है, जिन्होंने 7 करोड़ की लागत से सरकारी कॉलेज का भवन बनवा कर राज्य सरकार को सुपुर्द किया था, जहां आज हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे है। सरकारी अस्पताल में भी वे पूर्व में मुख्य प्रवेश द्वार, आपरेशन थियेटर के लिए वेटिंग रूम, पर्ची कक्ष आदि बनवा चुके हैं। आदर्श विद्या मंदिर में एक भव्य हॉल भी उन्हीं की देन है। भामाशाह पुरोहित के अनुज चैनसुख पुरोहित ने बताया कि आपातकाल कक्ष के लिये अनेक उपकरण क्रय किये जा चुके है। जिसमें मुख्य फीलिपस एफीसिया मल्टीपैरा विद ऑल फंक्शन इटको -2, कार्डियक बैड, इंफ्यूजन पम्प 2, ईसीजी मशीन 6 चैनल, डीफीब्रीलेटर, नेबूलाइजर, आक्सीजन कन्सेनट्रेटर, सीपीएपी, प्लास्टर वर्क टेबल, बाइपेप, बोनड्रिल मशीन, बोन कटर, स्टीचिंग लेड मोबाइल लाइट, एसी 2 टन, कूलर, इंवर्टर विद बैटरी 2, केबीनेट 4, रिवाल्विंग स्टूल 4, फुट स्टैप 2 व ऑफिस टेबल आदि मुख्य है, इसके अलावा कक्ष तैयार करवाने पर करीब 5 लाख रूपये की लागत आयेगी। 

पीएमओ डॉ. मधु शर्मा ने बताया कि आपातकाल कक्ष एक प्रकार से मिनी ट्रोमा सेंटर कह सकते है किसी भी आपातकालीन स्थिति में लाये गये रोगी का यहां उपचार किया जा सकेगा, हार्ट अटैक का मरीज हो या दुर्घटनाओं में घायल मरीज या अन्य किसी प्रकार का रोगी जिससे तत्काल उपचार की आवश्यकता होगी उसका इस कक्ष में उपचार हो सकेगा। इस कक्ष के लिये अलग से स्टाफ नियुक्त होगा जो चौबीसों घंटे काम करेगा। किसी भी आदर्श अस्पताल में ऐसा कक्ष जरूर होना चाहिये। 

भामाशाह हेमचंद गुचिया ने इस कक्ष के बारे में सोचा और अब यह मूर्त्त रूप लेने जा रहा है इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बहुत लाभ होगा। आपातकाल कक्ष तैयार होने के बाद अस्पताल प्रशासन को स्टाॅफ की कमी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि फलोदी में जिला अस्पताल की घोषणा हो चुकी है लेकिन अभी तक उसके अनुसार स्टाफ नियुक्त नही है। सर्जन एवं फीजिशियन की कमी का सामना करना पड़ेगा। वरिष्ठ चिकित्सक चैनसुख सोनी ने बताया कि आपातकाल कक्ष बनाने का प्रस्ताव बहुत पुराना है लेकिन यह पूरा नही हाे सका था अब इसे मूर्त रूप दिया जा रहा है। अस्पताल भवन में पुराने एक्सरे कक्ष एवं कम्प्यूटर कक्ष को मिला कर आपातकाल कक्ष बनाया जायेगा, इसी में माइनर ऑपरेशन थियेटर भी काम करेगा।

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