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छूआछूत मुक्त भारत का सपना वर्ष 2047 में साकार होगा क्या ?

बाप न्यूज़ : अशोक कुमार मेघवाल | देश के प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं चिंतक मार्टिन मैकवान ने इंस्टीट्यूट ऑफ लीडरशिप डवलपमेंट जामडोली जय...



बाप न्यूज़ : अशोक कुमार मेघवाल | देश के प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं चिंतक मार्टिन मैकवान ने इंस्टीट्यूट ऑफ लीडरशिप डवलपमेंट जामडोली जयपुर में राज्य के विभिन्न जिलो से आये सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामय उपस्थिति में एक देश-एक राष्ट्र-भीम रूदन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विचार व्यक्त करते अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं चिंतक मार्टिन मैकवान ने कहा कि देश की आजादी के 75 साल बाद भी देश में सार्वजनिक स्थानों पर दलित समुदाय के नागरिकों के साथ छूआछूत जैसा अमानवीय व्यवहार होता है।देश से इस कंलक को मिटाने में सरकारों की प्रतिबद्धता कही भी नजर नही आती है। मैकवान ने कहा कि वर्ष -2047 में जब आजादी के 100 साल पूरे होगें क्या उस समय देश इस मानवीय छूआछूत से मुक्त हो पायेगा ? मैकवान ने बताया कि दिल्ली में 20 हजार करोड़ की लागत से सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत नया संसद भवन बनाया जा रहा है। संसद भवन के बाहर 2 हजार किलोग्राम वजन का सिक्का लगाने के लिये हम देश भर से पीतल एकत्रित कर रहे है, जिस पर मानवीय छूआछूत का विरोध एवं सामाजिक समानता का संदेश देने वाले महापुरुषों के चित्र अंकित होगे एवं उस पर आजादी की 100 वीं वर्षगांठ पर देश मानवीय छूआछूत मुक्त होगा क्या ? यह संदेश लिखा जायेगा। 

इसके अलावा देश की संसद निर्माण में देश के नागरिकों से जुटाये गये 1-1 रूपये के 1 करोड़ सिक्के भी राष्ट्रपति को सुपुर्द किये जायेगें। मैकवान ने बताया कि 2 हजार किलोग्राम वजनी सिक्के में महात्मा बुद्ध, संत कबीर, संत रविदास, ज्योतिबा फुले, सावत्री बाई फुले, पेरियार रामास्वामी, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, बिरसा मुंडा आदि महापुरुषों के चित्र उकेरे जायेगें। दो हजार किलोग्राम वजनी सिक्का एवं एक करोड़ रूपये के सिक्के अहमदाबाद से दिल्ली तक की यात्रा के पश्चात 15 अगस्त-2022 को देश के राष्ट्रपति को सुपुर्द किये जायेगें।  

शुभारंभ समारोह में संविधान प्रचारक नागेश्वर जाधव, संवैधानिक अधिकार संगठन के दीपचंद माली, सीमा हिंगोनिया, समता सैनिक दल के महासचिव गोरधन जयपाल, सामाजिक न्याय केंद्र फलोदी के प्रभारी अशोक कुमार मेघवाल, सीमा कुमारी, रामतरुण, नेहा सैन, हरलाल, ललिता पंवार,  एडवोकेट ताराचंद वर्मा,धर्मेन्द्र तामदिया, एडवोकेट भीमाराम मूडिया, जोगाराम कड़ेला, गीगराज वर्मा, गिरिराज जोडली, रविंद्र धानका, बसंत हरियाणा, पवन देव, गणपत भाट,अरुणा लीलावत, विरमा पंवार, फूलचंद केपी, बाबूनाथ, चंद्रलाल भील, बली खां, गाजी खां, मंगली बाई, सवाई नाथ सहित अन्य कई जिलों के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में भारत के संविधान की प्रस्तावना भेंट मार्टिन मैकवान का अभिनंदन किया गया। समारोह का संचालन मानवाधिकार कार्यकर्ता रामतरूण अलवर ने किया।

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