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लाॅकडाउन की प्रथम वर्षगांठ, कोविड-19 में लाॅकडाउन अवधि के वाॅरियर्स को सलाम

बाप न्यूज़ : अशोक कुमार मेघवाल | वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते केंद्र सरकार द्वारा देश में लागू किये गये प्रथम लाॅकडाउन को एक साल पूरा हो ...

बाप न्यूज़ : अशोक कुमार मेघवाल | वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते केंद्र सरकार द्वारा देश में लागू किये गये प्रथम लाॅकडाउन को एक साल पूरा हो गया है। कोविड-19 के चलते पूरे देश में औधोगिक, यातायात, शैक्षणिक सहित अन्य सारी गतिविधियां ठप्प हो गई थी। ऐसे समय में प्रशासनिक, पुलिस एवं म्युनिसिपल बोर्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी बेहताशा बढ गई जिसका उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर सफलतापूर्वक निर्वाहन किया तथा सरकार एवं जनता की उम्मीदों पर खरा उतरे। लाॅकडाउन की प्रथम वर्षगांठ पर आज हम फलोदी उपखंड के उन अधिकारियों से आपको रूबरू करवा रहे है जिन्होंने लाॅकडाउन अवधि में सरकारी ड्यूटी के साथ- साथ माननीय संवेदनाओं का परिचय देते हुये बेहतरीन कार्य किया। 

एडीएम हाकम खान : फलोदी के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी का ओहदा संभाल रहे एडीएम हाकम खान मूलतः अलवर जिले के रहने वाले तथा वर्ष 2011 बैच के वरिष्ठ आरएएस अधिकारी है, लाॅकडाउन अवधि में एडीएम खान ने फलोदी, बाप, लोहावट, देचू, बापिणी ब्लॉक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुये टीम भावना से व्यवस्थाओं को अंजाम दिया, सोलर कंपनी के माध्यम से 15 लाख रुपये के राशन सामग्री के किट एवं 800 कंबल जरूरतमंद लोगों को वितरित करवायें।

स्थानीय एनजीओ, भामाशाहों, कर्मचारी संगठनों को प्रेरित कर गरीब लोगों की मदद करवाई। क्वारेंटाईन सेंटर एवं वैलनेस  सेंटर की प्रभावी माॅनिटरिंग करते हुये फेस मास्क एवं काढा वितरण करवाया तथा कोरोना वाॅरियर्स की समय-समय पर हौंसला अफजाई की तथा हजारों प्रवासी श्रमिकों को बसो के माध्यम से सकुशल उनके राज्यों में भिजवाया।

एसडीएम यशपाल आहुजा : फलोदी एसडीएम का पदभार संभाल रहे वर्ष 2015 बैच के आरएएस अधिकारी यशपाल आहुजा मूलत: बीकानेर के रहने वाले है। हंसमुख एवं सेवाभावी स्वभाव के धनी आहुजा ने लाॅकडाउन अवधि में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाहन किया। 

इंसिडेंट कंमाडर के तौर आहुजा ने प्रवासी श्रमिकों के ठहरने, भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था करवाई तथा हजारों श्रमिकों को उनको उनके राज्यों में भेजने के लिये उचित संख्या में बसो का इंतजाम किया। भामाशाहों के सहयोग से हजारों गरीब परिवारों को भोजन एवं राशन सामग्री के किट उपलब्ध करवायें तथा जरूरतमंद लोगों को आवागमन के लिये पास एवं वाहनों की विशेष अनुमति भी जारी की, कोविड-19 टेस्ट की संख्या में बढोतरी करवाई तथा विभिन्न पंचायतों में वैलनेस सेंटर शुरू करवाये। जरूरत होने पर खुद भी गश्त पर निकले तथा नागरिकों से लाॅकडाउन नियमों की पालना में करवाई। 

डिप्टी एसपी पारस सोनी : फलोदी में पुलिस उप अधीक्षक का पदभार संभाल रहे वर्ष-2015 बैच के आरपीएस अधिकारी पारस सोनी मूलत बाड़मेर जिले के रहने वाले है।

लाॅकडाउन अवधि में विभिन्न स्थानों पर चैक पोस्टो पर पुलिस बल उपलब्ध करवाने, कंटेटमेंट जोन में पुलिस बल तैनात करने, कस्बे में नियमित गश्त करवाने, नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने, जरूरतमंद लोगों की मदद के लिये भामाशाहों को प्रेरित करने तथा पुलिस बल का मनोबल बनायें रखने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाहन किया। सोनी के नेतृत्व में लाॅकडाउन अवधि में पुलिस बल ने 25 हजार से ज्यादा चालान करते हुये 4 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला।

पालिका ईओ अनिल कुमार विश्नोई : फलोदी नगर पालिका मंडल के ईओ का पदभार संभाल रहे अनिल कुमार विश्नोई मूलत: ग्राम पंचायत छीतर बेरा-भोजासर के रहने वाले है, वर्ष-2016 में राज्य म्युनिसिपल सेवा में चयनित हुये विश्नोई ने लाॅकडाउन अवधि में बहुत ही बेहतरीन कार्य किया।

लाॅकडाउन अवधि के शुरूआती दौर में भामाशाहों के सहयोग से 43177 लोगों को भोजन उपलब्ध करवाया, फलोदी कस्बे में 3030 लीटर हाईपो क्लोरोराइड का छिड़काव तथा 45320 फेस मास्क का वितरण करवाते हुये पशुओं के लिये 86560 किलोग्राम चारा एवं पक्षियों के लिये 3582 किलोग्राम दाना जन सहयोग से उपलब्ध करवाया। जन जागृति अभियान के तहत 29 हजार पैंपलेट बंटवाये तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों से 15 हजार रुपये की जुर्माना राशि भी वसूल की। ईओ विश्नोई के आग्रह पर भामाशाह पप्पूराम डारा ने हजारों लोगों के लिये भोजन बनाने का सामान नगर पालिका को उपलब्ध करवाया।

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