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किसानों की मांगों को गंभीरता से लेवें राज्य सरकार - व्यास

Bap New s: (अशोक मेघवाल) फलोदी उपखंड मुख्यालय पर शिवसर घाटी गोपा रोड पर स्थित भारतीय किसान संघ जोधपुर के जिला कार्यालय में शुक्रवार दोपह...


Bap News:(अशोक मेघवाल)
फलोदी उपखंड मुख्यालय पर शिवसर घाटी गोपा रोड पर स्थित भारतीय किसान संघ जोधपुर के जिला कार्यालय में शुक्रवार दोपहर को भारतीय किसान संघ जोधपुर के जिलाध्यक्ष नरेश व्यास ने संवाददाताओं के साथ बातचीत करते हुये बताया कि भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसान पिछले 4 माह से लगातार विभिन्न समस्याओं को लेकर राज्य सरकार तथा डिस्काॅम को ज्ञापन तथा विभिन्न मांगों का मांग पत्र दे रहे है, लेकिन राज्य सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नही ले रही है। जिसके चलते सम्पूर्ण राज्य के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। तथा अब किसान सरकार के साथ राज्य स्तर पर आर-पार की लड़ाई के मूंड में है।
प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष नरेश व्यास।
व्यास ने कहा कि पिछले दस महिने से लगातार टिड्डी दल के हमले तथा अब कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के चलते राज्य का अन्नदाता खून के आंसू रो रहा है। लेकिन राज्य सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान नही कर रही है। सरकार की लापरवाही के चलते मूंग तथा मूंगफली की न्यूनतम खरीद हो पाई है। विद्युत बिलों पर 833 रूपये का अनुदान बंद कर देने से राज्य के 14 लाख किसानों पर आर्थिक बोझ बढ गया है। व्यास ने बताया कि 21 जुलाई मंगलवार को जोधपुर जिला कलक्टर कार्यालय के आगे जोधपुर जिले के किसान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुये कड़ी धूप में बैठेगें तथा 22 सूत्री मांगो का ज्ञापन जिला कलक्टर को सौंपेगें।
व्यास ने बताया कि 22 सूत्री मांगों में आगामी छ माह के विधुत बिल माफ करने, 833 रूपये का अनुदान पुन: शुरू करने, विद्युत बिलों पर लगने वाला एलपीएस खत्म करने, सिंगल फेज कनेक्शन जारी करने, सतर्कता जांच के नाम पर किसानों का शोषण बंद करने, हाईपावर विधुत लाईन के नीचे आई जमीन का मुआवजा देने, जिले में कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या करने वाले किसानों का कर्ज माफ करने, टिड्डी नियंत्रण के लिये किसानों को डीजल तथा कीटनाशक उपलब्ध करवाने, टिड्डी दल के हमले से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा देने, फसल बीमा की विसंगतियों को दूर करने, स्वीकृत तथा प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं को जल्दी पूरा करने, एक वर्ष पुरानी ऑडिट की राशि विद्युत बिल में नही जोड़ने, चना खरीद की बकाया ऑनलाइन विक्रय पर्ची उपलब्ध करवाने, बकाया विद्युत बिलों की वसूली बंद कर कृषि कनेक्शन नही काटने, कृषि विद्युत कनेक्शनों हेतु फ्लेट रेट एवं मीटर श्रेणी को स्वैच्छिक करने सहित अन्य कई मांगें शामिल है। संभाग उपाध्यक्ष राजेंद्र व्यास ने बताया कि 22 जून को ऊर्जा विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा के साथ संगठन के प्रतिनिधियों ने बातचीत की थी तथा 8 जुलाई को पुनः उनको स्मरण पत्र भेजा गया है। लेकिन अभी तक किसानों की समस्याओं का समाधान नही किया गया है। अब किसानों को मजबूर होकर राज्य व्यापी आंदोलन के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की असंवेदनशीलता के चलते राज्य के किसानों में भारी आक्रोश है। आंदोलन को सफल बनाने तथा जिला मुख्यालय पर अधिकतम भागीदारी जुटाने के लिये सभी तहसीलों में प्रभारी तथा सह प्रभारी नियुक्त किये गये है।