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देश की सीमाएं संकुचित नही हो सभी रहे जागरूक, अच्छे संस्कारवान पीढ़ी को करे तैयार : लीलड़

महाराणा प्रताप जयंती पर 37 संघर्षशील माताओं का शाल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर किया बहुमान बाप न्यूज | सीमाजन कल्याण समिति बाप तहसील द्व...


महाराणा प्रताप जयंती पर 37 संघर्षशील माताओं का शाल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर किया बहुमान

बाप न्यूज | सीमाजन कल्याण समिति बाप तहसील द्वारा महाराणा प्रताप जयन्ती पर सोमवार को आदर्श विद्या मंदिर के विशाल कक्ष में एक गोष्ठी का आयोजन हुआ। गोष्ठी में बाप कस्बे की 37 संघर्षशील माताएं जिन्होंने अपनी संतानों को विकट परिस्थिति में भी तरास कर कोहिनूर बनाया उनका समिति द्वारा शाॅल ओढ़ा कर तथा महाराणा प्रताप की तस्वीर भेंट कर सम्मान किया।

मुख्य वक्ता प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष खेताराम लीलड़ ने कहा कि माता श्रजनकर्ता है। मां अपनी संतान को स्वयं दुख सहनकर उन्हें खुश रखना चाहती है। मां का ऋण कभी नही उतर सकता। माताएं संस्कारवान देश भक्त संतान तैयार करे। देश के लिए हर समय चिंतन, चिंता करने की आवश्यकता है। सीमावर्ती क्षेत्र में अराष्ट्रीय गतिविधि नही हो जिसके लिए जागरूकता जरूरी है। देश की सीमाएं संकुचित नही हो जिसके लिए हम संगठित व जागरूक रहे।

मुख्य अतिथि राजेंद्र ‘रावल’ जाणी ने कहा कि देश के महापुरूषो के जीवन से हमे प्रेरणा लेकर सेवा करनी है। हमारे बच्चों को हम उनकी जीवन गाथाएं बताए ताकि वे अच्छे इंसान बने। जाणी ने छोटे बच्चों को मोबाईल से दूर रखने की अपील की। जाती पंथ से पहले राष्ट्र का भाव जगे।

खण्ड संघ चालक मनसुख पालीवाल ने कहा कि संस्कारो की जनक माता होती है। सीमाजन कल्याण समिति की अनूठी पहल संघर्षशील माता का सम्मान के लिए साधुवाद ज्ञापित हुए करते हुए पालीवाल ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से अन्य माताओं को प्रेरणा मिलेगी।


तहसील अध्यक्ष मांगीलाल सियाक़ ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच का संचालन अखेराज खत्री ने किया। नन्हे गायक भींवराज गहलोत ने मां को इंकित करते हुए गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का आगाज रत्नाकरा धोतपदांम सुभाषित से हुआ तथा समापन शांति पाठ से हुआ। काय्रक्रम में जिला संरक्षक सांगसिंह भाटी, तहसील मंत्री मुलसिंह मोडरडी, जिला सदस्य श्रीराम राइका, महेंद्र सिंह नोख, ओमसिंह नोख, नारायण सिंह, खीवसिंह, पपुराम गोदारा, विजय कुमावत, करणनाथ, रामचंद्र सारण पालीवाल, किशोर कुमार, दामोदर मेहता, मोहन भैया, जगदीश कुमावत, राजीव कुमावत, दिलीप भाटी, कमल खत्री, सुनील गहलोत, सुगनाराम, वासुदेव माली, तेजाराम, शिक्षक सवाई कुमावत, सुरमनाथ, किशोर राठी आदि मौजूद रहे।

इन संघर्षशील माताओं को हुआ बहुमान

श्रीमती अम्बादेवी सारण पालीवाल, शांति कोठारी, भगवती सियाक़, मंथरादेवी छताणी पालीवाल, बेबी पालीवाल, हरखू देवी माली, चनणी देवी माली, लक्ष्मी देवी कुमावत, मीरा देवी कुमावत, इमतु मेगवाल, माडु देवी कुमावत, मगी देवी, पुष्पा कुमावत, पुष्पा सुथार, मूमल मेगवाल, निर्मला देवी शर्मा, नखतू मेगवाल, उमा देवी खत्री, संजू गहलोत, बिदामी कालबेलिया, जसोदा मेगवाल, मीरा नथमल पालीवाल, बने कंवर भाटी, सुआ प्रहलाद राम, दुर्गा तंवर, केंकु लाधुराम गाडना, भगवती हरजाल, सुशीला जोशी, दुर्गा जोशी, माडु मेगवाल, पप्पु बुणिया,ललिता, बालमुकुंद पालीवाल, गोदावरी गर्ग, अणची देवी, मोती देवी सारण, अनु देवी सारण पालीवाल का सम्मान किया गया।